₹12 Lakh Tax Free in Hindi: रिबेट कैसे काम करती है? (FY 2026-27)
₹12L तक टैक्स शून्य — धारा 156 (पुरानी 87A) की ₹60,000 रिबेट से। सेलरी वालों को ₹12.75L तक शून्य। ₹12L से ₹1 ज़्यादा = मार्जिनल राहत। शेयर मुनाफ़े पर रिबेट नहीं।
गणित (नया रिजीम)
| कुल आय | स्लैब टैक्स | रिबेट | देय टैक्स |
|---|---|---|---|
| ₹12,00,000 | ₹60,000 | ₹60,000 | ₹0 |
| ₹12,75,000 (सेलरी − ₹75k) | ₹60,000 | ₹60,000 | ₹0 |
| ₹12,50,000 (बिज़नेस) | ₹67,500 | मार्जिनल राहत | छोटा टैक्स |
- ITR भरना ज़रूरी है — छूट पाने के लिए भी रिटर्न फ़ाइल करें।
- STCG/LTCG जैसे स्पेशल-रेट मुनाफ़े पर यह रिबेट नहीं मिलती।
- पुराने रिजीम में शून्य सिर्फ़ ₹5L तक।
मार्जिनल राहत (₹12L से थोड़ा ऊपर?)
- ITR भरना ज़रूरी: रिबेट पाने के लिए भी रिटर्न फ़ाइल करें — बिना ITR कोई छूट नहीं।
- शेयर/MF मुनाफ़े (STCG/LTCG) पर यह रिबेट लागू नहीं — सिर्फ़ स्लैब आय पर।
₹12,75,000 वेतन walkthrough (पूरा हिसाब)
| Step | रकम |
|---|---|
| सालाना वेतन (CTC नहीं, gross) | ₹12,75,000 |
| घटाएँ: standard deduction | − ₹75,000 |
| Taxable income | ₹12,00,000 |
| स्लैब टैक्स (20k + 40k) | ₹60,000 |
| घटाएँ: 87A rebate | − ₹60,000 |
| देय टैक्स | शून्य |
ध्यान दें: यह जादू सिर्फ़ slab-income पर है — FD ब्याज भी slab में जुड़ता है (12L से ऊपर धकेल सकता है!), पर शेयर/MF मुनाफ़ा अलग रेट से कटता है। और हाँ — zero tax पर भी ITR भरना ज़रूरी है, वरना रिबेट नहीं मिलता।
₹12.75L का जादू — पर 2 शर्तों के साथ 🧮
₹12,75,000 वेतन − ₹75,000 standard = ₹12,00,000 taxable → rebate → zero। पर दो चीज़ें यह गणित बिगाड़ती हैं: (1) FD ब्याज — ₹60,000 ब्याज मिला तो total ₹12.6L, अब असली टैक्स बनेगा; (2) शेयर/MF मुनाफ़ा — इस पर rebate लागू ही नहीं होता, 12.5%/20% अलग से कटेगा। इसलिए सिर्फ़ salary slip नहीं, पूरी आय (salary + ब्याज) जोड़कर देखें। और zero tax पर भी ITR भरें — बिना return rebate मिलता ही नहीं!
By TaxSetu Editorial Team · Last reviewed: 7 October 2026
Based on the Income-tax Act 2025, Income Tax Rules 2026 and CBDT notifications; sections per the Income-tax Act 1961 (as amended) with 2025-Act mappings where notified · Verify on the official portal: incometax.gov.in
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Frequently Asked Questions
हाँ — ₹60,000 रिबेट पूरा स्लैब टैक्स मिटा देती है। लेकिन ITR भरना ज़रूरी है। स्लैब.
₹12.75L तक शून्य (₹75k स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित)।
नहीं — STCG/LTCG जैसे स्पेशल-रेट मुनाफ़े रिबेट से बाहर हैं।